दोस्तों ये रही मेरी और मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड की कहानी | दोस्तों मेरा नाम गोलू सोनी है और में जबलपुर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 30 साल है | दोस्तों मेरा एक दोस्त था जिसका नाम अतुल ठाकुर था | मेरी और अतुल की दोस्ती बचपन से थ और हम दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे जिगरी दोस्त थे | हम दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि पूरा मोहल्ला हम दोनों की दोस्ती को जानता था | मेरे दोस्त अतुल की एक गर्ल फ्रेंड थी और उसका नाम रानी था | वो बहुत खुबसूरत दिखती थी | उसको देखकर ऐसा लगता था कि बस उसे देखते ही रहो क्यूंकि वो बहुत ही ज्यादा सेक्सी भी लगा करती थी | अतुल जब भी अपनी गर्लफ्रेंड रानी से मिलने जाता था | तो मुझे भी साथ मैं लेकर जाता था और अतुल ने रानी से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती करा दी थी | रानी मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन चुकी थी | वो हमेशा मुझसे अच्छे से बात करती थी | अतुल की जब भी रानी से लड़ाई होती थी तो रानी मुझसे अतुल को मानाने के लिए बोला करती थी | रानी मुझसे हर बात शेअर करती थी | रानी से मेरी मोबाइल में भी बात होती रहती थी | अगर उसे कोई भी काम होता था तो वो मुझसे बोल देती थी | फिर एक दिन अतुल ने रानी को अपने घर बुलाया मिलने के लिए | अतुल ने उस दिन मुझे नहीं बताया था कि रानी को मैं अपने घर बुला रहा हूँ मिलने के लिए लकिन मैं उस दिन अचानक से अतुल के घर पहुँच गया | और जैसे ही अंदर गया तो देखा अतुल रानी को किस कर रहा था और उसके दूध दबा रहा था | मैंने उन दोनों को किस करते हुए देख लिया था | वो दोनों बहुत डर गये थे रानी मुझे देख कर शरमा गई थी | रानी उस दिन बहुत सेक्सी लग रही थी | उस समय रानी को देख कर मुझे भी उसे किस करने का मन कर रहा था और उसके मस्त दूध दबाने का मन कर रहा उस समय उन दोनों को देख कर तो तुरंत मेरा लंड खड़ा हो गया और रानी को चोदने का मन कर रहा था |

रानी मुझे भी बहुत अच्छी लगती थी | फिर उसके बाद अतुल के घर पर हम तीनो ने बहुत मस्ती की और रानी अपने घर चली गई | फिर अतुल मुझसे बोलने लगा की भाई आज तू नहीं आता तो आज मैं रानी को चोद देता लकिन तू आ गया और मैं रानी को चोद नहीं पाया | अतुल को मैं बहुत अच्छे से जानता था की वो कैसा है ? क्योकि वो मरा बचपन का दोस्त है | वो सिर्फ रानी को चोदने के लिए पटाया था और रानी अतुल से बहुत प्यार करती थी | वो अतुल हमेशा रानी से लड़ाई किया करता था और जब वो रानी से लड़ाई करता था तो मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लगता था क्योकि रानी मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन गई थी और वो मुझे बहुत अच्छी भी लगती थी | मैं रानी को बहुत पसंद करने लगा था | फिर तो मैंने सोच ही लिया था कि रानी को मैं अतुल से चुदने नहीं दूंगा | रानी को मैं ही पटाउँगा और मैं ही रानी को चोदुंगा | फिर एक दिन रानी का मेरे पास फ़ोन आया और वो मुझसे बोलने लगी कि उस दिन मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लगा जब आपने मुझे और अतुल को किस करते हुए देख लिया था | फिर रानी मुझे पूछने लगी कि आपकी कोई गर्लफ्रेंड है | तो मैंने रानी से कहा कि नहीं मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | फिर वो मुझसे पूछने लगी कि किसी को पसंद करते हो आप बताओ | यह सुनकर मुझे तो मन कर रहा था की बोल दूँ की रानी मैं तुमको बहुत पसंद करता हूँ लेकिन नहीं बोल पाया | रानी की जब भी अतुल से लड़ाई हो जाती थी और अतुल रानी से बात नहीं करता था तो रानी रात रात भर मुझसे फ़ोन पे बात किया करती थी | और फिर एक दिन रात मैं बात करते करते रानी मुझसे कहने लगी कि आपके लिए मैंने एक लड़की देखि है वो मेरी फ्रेंड है आप उसे अपनी गर्ल फ्रेंड बना लो वो बहुत अच्छी है | तो मैंने रानी से मना कर दिया कि रहने दो मुझे कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनानी | फिर वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों नहीं बनानी आपको गर्लफ्रेंड |

तो मैंने उसी समय रानी से कह दिया की मैं तुमको बहुत पसंद करता हूँ और तुमको ही अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ | …. यह बात सुनकर रानी बहुत खुश हो गई और मुझसे कहने लगी कि सही मे आप मुझे पसंद करते हो और मुझे आप अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हो | फिर रानी मुझसे कहने लगी कि आपको पता है न कि मैं अतुल की गर्लफ्रेंड हूँ | तब भी आप मुझे पसंद करते हो | उसके बाद रानी मुझसे रोज़ फ़ोन पर बात करने लगी और रोज मुझसे मिलने मेरे घर भी आती थी | फिर कुछ दिन बाद अतुल की रानी से बहुत ज्यादा लड़ाई हो गई | क्यूंकि अतुल हमेशा रानी को चोदने के लिए अपने घर बुलाया करता था और रानी नहीं जाती थी | इसलिए अतुल की रानी से लड़ाई हो गई थी | यह बात रानी ने मुझसे बताई रानी अतुल की हर बात मुझसे शेअर करती थी | फिर मैंने रानी से बताया की अतुल ने सिर्फ तुमको चोदने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड बनाया है | अतुल हमेशा मुझसे कहता था की बस एक बार रानी को मुझे चोदना है बस | फिर एक दिन जब रानी मुझसे मिलने मेरे घर आई तो मैंने रानी को आई लव यू बोल दिया और जेसे ही मैंने रानी को आई लव यू बोला तो रानी ने भी तुरंत मुझे आई लव यू टू कह दिया और मेरे गले लग गई और मुझे किस करने लगी | वो मुझे छोड़ ही नहीं रही थी | मेरा भी लंड खड़ा हो चुका था और फिर मैं भी रानी को सोफ्हे में लेटा कर किस करने लगा रानी ने मेरी टीशर्ट उतार दी और और मुझे किस करे जा रही थी | फिर मैंने भी रानी के पूरे कपडे उतार दिए और उसके दूध को पीने लगा | रानी के दूध बहुत मस्त थे और फिर उसके बाद रानी मुझसे चोदने के लिए कहने लगी और मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी और अपनी चूत में डालने लगी | उसके बाद तो मुझसे बिलकुल कंट्रोल नहीं हो रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था | रानी आःह्ह आःह्ह आःह्ह आआह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह ऊउह्ह्ह ऊऊह्ह्ह आःह्ह ऊउह्ह्ह्ह कर रही थी |

फिर मैंने अपना लंड रानी की चूत में डाला और रानी को मन लगा कर चोदा | रानी चुदते समय बहुत आःह्ह आःह्ह आह्ह्ह ऊऊह्ह्ह ऊउह्ह्ह कर रही थी और उसने धीरे से पाद दिया | रानी बार बार बार मेरे हाथ पकड़ कर अपने दूध दबा रही थी उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी रानी के दूध दबाने में और पीने में मजा आ रहा था | मैं रानी को बहुत जल्दी जल्दी चोद रहा था | तो चुदते चुदते रानी की चूत में बहुत दर्द होने लगा | रानी मुझसे बोलने लगी कि अब बस करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है चूत में | वो बहुत डर गई थी | फिर मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया और फिर रानी ने अपने दूध को मेरे मुह पर लगा दिया | वो मुझे अपने दूध पिला रही थी उसे बहुत मजा आ रहा था फिर उसके कुछ देर तक हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे फिर रानी के घर से फ़ोन आ गया | फिर रानी अपने घर चली गई | उसके बाद रानी मेरी गर्लफ्रेंड बन गई थी | वो अतुल से ज्यादा बात नहीं करती थी | रानी को मैंने अपनी बना लिया था | फिर रानी से मैं हमेशा से मिलने उसके घर जाया करता था | रानी ने अपने घर वालो से भी मेरी बहुत अच्छी पहचान करवा दी थी | मैं रानी के घर कभी भी चला जाता था फिर एक दिन रानी के घर के सभी लोग कही बाहर गये हुए थे और रानी घर पर अकेली ही थी तो रानी ने मुझे फ़ोन करके अपने घर बुलाया | जब मैं रानी के घर गया तो रानी मुझसे कहने लगी की आज सब लोग बाहर गये हुए है और मुझे चुदने का बहुत मन कर रहा है | उसके बाद फिर मैंने रानी को रात भर चोदा | मुझे अब बस चूत का नशा चढ़ गया था और मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा कुछ हो जाएगा | पर एक दिन अतुल को पता चल गया कि मैं रानी को चोदता हूँ और उसने मुझसे लड़ने के लिए लड़के बुलाये |

पर वो मेरा कुछ नहीं कर पाया क्यूंकि मेरी बखत बहुत है वहाँ और कोई मुझे हाथ तक नहीं लगा सकता | इसलिए मैंने अतुल से कहा अगर अपनी गांड नहीं तुडवाना चाहता तो निकल जा यहाँ से | नहीं तो जो उसके साथ आए थे वही उसकी गांड तोड़ देते |

 

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो आप लोग और मुझे बड़ा हर्ष हो रहा है ये बताने में कि मैंने पिछले हफ्ते फिर से चुदाई कर डाली | वो भी किसी और के साथ नहीं अपनी हॉस्टल की देख रेख करने वाली के साथ | ५५ साल की औरत के साथ चुदाई करने का मज़ा ही अलग था | क्या ढीली चूत थी और चोदते चोदते मैं तीन बार झड गया तब जाके उसकी चूत गीली हुयी | वाह मेरे लंड को ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं आया | साला उसको मैंने तीन घंटे तक चोदा तब जाके वो बोली वाह क्या चोदता है रे तू | तो दोस्तों मेरा नाम है करतार और मैं पंजाब में रहके पढ़ाई और काम दोनों करता हूँ | मैं एक हॉस्टल में रहता हूँ जहाँ पे एक लेडीज वार्डन है और वो बहुत ही कमीनी है | जब उसका मन करता वो किसी भी लड़के को बाहर निकाल देती है और किसी के भी कमरे में जाके उसका सामान देखने लगती है | एक बार तो उसने दो लडको को बुलाया और पूरी रात उनका लंड चूसा और मुठ पीती रही रात भर | मुझे इतना इसलिए पता है क्यूंकि मैंने उसके कमरे में कैमरा लगाया है और उसे ये बात नहीं पता | साली बुढिया में बहुत गर्मी भरी हुयी है |
तो दोस्तों मैं अब आपको बताऊंगा ये सब हुआ कैसे और कैसे मैंने उसको चोदा | कहानी शुरू होती है रमेश के किस्से के साथ | जी हाँ वो मेरा दोस्त है और उसे कंडोम में मुठ भरके रखने की आदत है | मैंने उसको बोला भाई तू ये सब बाहर फेक दिया कर अगर सुरवीन ने देख लिया तो तेरी गांड मार लेगी और तेरा लंड चूसती रहेगी चूत पे हाथ तक नहीं लगाने देगी | उसने कहा अबे चूस लेने दे भाई मुझे भी मज़ा मिलेगा | मैंने कहा अभी तुझे पता ही क्या है बेटा आगे आगे देख बस तू पकड़ा जा एक बार | उसने मेरी बात को हलके में लिया और अपने काम में लग गया | बुद्धवार के दिन वो हमारे कमरे में आ गयी और और उसने रमेश का सामान निकालना चालू कर दिया पर उसे कुछ नहीं मिला | तब हमारी जान में जान आई और उसके बाद मैंने कहा भाई बाख गया तू इशारे में | वो जाने लगी पर अचानक से उसकी नज़ पलंग के नीचे वाले डब्बे पर पड़ी तो उसने कहा इसमें क्या है ? रमेश ने कहा जी जूते हैं मेरे |
उसने कहा चल निकाल के दिखा अपने जूते तो रमेश ने डब्बा निकाला और उसके सामने खोला | उसमे वाकई में जूते ही थे पर उस साली ने जोतों के अन्दर हाथ डाला और उसे वही कंडोम मिल गए जिसमे रमेश मुठ भर के रख लेता था | उसने कहा क्या है ये सब तू क्या करता रहता है ये सब | मैंने कहा जी हमे नहीं पता ये कहाँ से आए शायद इसका दोस्त यहाँ लाके रख गया होगा जूते कल उसी ने दिए है | उसने मुझसे कहा तू तो दूर ही रह समझा | फिर वो रमेश को ले गयी अपने कमरे में और मैंने तुरंत अपना मोबाइल चालु किया देखने के लिए कि आखिर ये क्या करेगी उसके साथ | फिर उसके बाद मैंने देखा कि वो कह रही है साले तूने अपना कीमती मुठ बर्बाद कर दिया | अब उसने रमेश को नंगा कर दिया और उसकी गांड पे चांटे मारने लगी | जैसे ही उसने ये करना चालु किया रमेश का लंड खड़ा होने लगा और वो भी नंगी हो गयी | उसके दूध ढीले और लटके हुए थे पर काफी बड़े थे | उसने रमेश का लंड अपनी नाभि में घुस्सने के लिए किया पर वो गया नहीं | पहले तो उसने उसका लंड अपने मुह में भरा और उसके बाद वो उसके लंड को जोर जोर से चूसने लगी | मुझे लगा मुझे कैमरे में नहीं ये सब सच में देखना चाहिए | तो मैं उसके रूम के बाहर एक रोशनदान है वहाँ से अन्दर झाँकने लगा | जब वो उसका लंड चूस रही थी तब रमेश आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करके आंहे भर रहा था | फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना मुठ उसके मुह के अंदर ही छोड़ दिया और वो उसका माल पी गयी | अब उसका लंड बैठ गया और उसने कहा अपनी चूत को चाटने दो न तो उसने फिर से उसकी गांड पे चांटे मारे | अब वो उसके गोटे चूसने लगी और उसको मज़े देने लगी | थोड़ी देर बाद उसका लंड फिर से खड़ा हुआ और उसने फिर से चूसना चालु कर दिया | थोड़ी देर बाद रमेश फिर से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगा | मेरा भी लंड खड़ा हो गया था और मैंने सोचा मैं भी मुठ मार लेता हूँ पर मैंने सोचा नहीं मैं ऐसा काम नहीं करूँगा | उसके बाद उसने रमेश के माल को अपनी चूत पे गिरा लिया और उसे अन्दर डालके रगड़ने लगी |
अब वो भी चूत में ऊँगली घुमा रही थी और आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी | ऐसी मादक आवाज़ सुनके मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना लंड निकाला और हिलाने लगा | थोड़ी देर बाद मेरा भी माल गिर गया और मैंने सोचा क्यों न इसका अगला निशाना मैं ही बन जाऊं | मुझे खुद पे यकीन था कि मैं इसको चोद सकता हूँ क्यूंकि ये सब लोग डर जाते थे उसके डराने पे पर मैं ऐसा बिलकुल भी नहीं था | मैंने इतना सोचा ही था कि मुझे रमेश की आवाज़ आई वो बोल रहा था बीएस करो 5 बार मुठ निकाल लिया है अब माफ़ भी कर दो | अगले दिन रमेश की यहाँ से विदाई हो गयी क्यूंकि वो समझ गया था कि यहाँ रहे तो लौडे लग जाएंगे | वो तो चला गया और पीछे छोड़ गया अपना डब्बा जिसमे कंडोम भरे हुए थे | ये मेरे लिए बहुत ही अच्छा हुआ क्यूंकि मुझे कुछ चाहिए था जिससे वो मुझे पकडे |
अब ऐसा ही हुआ उसे मुझ पर शक हुआ कि ये उसका दोस्त ये भी वही करता होगा | मैंने डब्बा सामने ही रखा फिर क्या वो मुझे ले गयी | पहली बार में तो उसने मेरा लंड खूब चूसा और मैंने उसके मुह में मुठ मार दिया | जब उसने दूसरी बार मेरा लंड चूसना शुरू किया तब मैंने उसके दूध दबाने शुर कर दिया | वो मेरा लंड चूस रही थी इसलिए कुछ बोल नहीं पायी | फिर मैंने धीरे से उसकी चूत में ऊँगली डालके हिलाना चालु कर दिया और उसको मौका ही नहीं दिया मुह से लंड निकालने का | अब वो भी फस गयी थी और थोड़ी देर बाद उसने मेरा लंड बाहर निकाला मुह से और आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | फिर क्या मैंने उसकी चूत पे अपना मुह रखा और चाटना शुरू कर दिया और वो चिल्लाने लगी और चाट मेरी चूत को |
मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में डाल दी और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए चुदने लगी और कहने लगी अबे लंड डाल मेरी चूत में मैं पागल हो रही हूँ | मैंने कहा रुक तूने बहुत लोगों को परेशान किया है लौड़ी अब तेरी बारी है | फिर क्या जैसे उसने दूसरों के साथ किया वैसा ही मैं उसके साथ रात्बर करता रहा | वो भी मुझसे कहने लगी बस कर अब चोद दे मुझे | मैंने भी उसकी बात मानी और उसकी चूत में अपना लंड रखके एक जोरदार झटका मारा और अन्दर कर दिया | चूत ढीली थी पर मज़ा आया और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | उसके बाद मैंने उसकी चूत को इतना चोदा कि इस बार उसने दस बार अपना माल छोड़ा और चुद चुद के पागल हो गई |
इस बार हॉस्टल से जाने की बारी उसकी थी नहीं तो मैं उसे चोद चोद के पागल कर देता |

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आज मेरा मन कर रहा है मैं कि मैं आज आपसे बहुत साड़ी बातें करूँ पर आज मुझे आपसे एक कहानी बतानी है जो की मेरी सची घटना है | मैंने वैसे तो कभी भी कुछ गलत नहीं किया पर एक बार मुझसे भी गलती हो चुकी है

और मैंने कभी भीं इसके बारे में किसी को नहीं बताया | यहाँ तक कि अपनी पत्नी को भी इस चीज़ से अनजान रखा हुआ है | इस बात को हुए करीब चार साल हो गए हैं पर आज भी जब वो मेरे ज़ह

न में आती है तो मेरी रूह से आत्म गिलानी की ज्वाला बाहर निकलने लगती है | जिस इंसान के साथ मैंने गलत किया वो अभी भी मेरी उतनी इज्ज़त करता है पर फिर भी मुझे तो बुरा लगता ही है क्यूंकि मैं एक सत्यवादी किस्म का इंसान हूँ और मुझे ज्यादा तीन पांच में रहने की आदत नहीं है | क्या कभी सोचा है उस इंसान के बारे में जो आपके लिए कुछ भी कर सकता हो पर फिर भी आप उससे कुछ छुपाओ तो कितना बुरा लगता है दिल को | ये मैंने महसूस किया है जब भी मैं अपनी बीवी का चेहरा देखता हूँ |

तो दोस्तों मेरा नाम है पीपरा चंद मोहनदास और मैं मध्य प्रदेश के छोटे से गाँव भिटोनी से हूँ और जबलपुर में रहके अपना जीवन यापन करता हूँ | मैं एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हूँ और वो स्कूल काफी अच्छा है | हमारे स्कूल का नाम पूरे शहर और बाहर भी प्रसिद्द है क्यूंकि यहाँ के छात्र बड़े ही विद्वान् और कर्मठ होते हैं | मैं यहाँ विज्ञान का शिक्षक हूँ और मैंने कई छात्र एवं छात्राओं को ऊँचाइयों तक पहुंचाया है और वो सब मेरे आभारी भी हैं | अब तो आप समझ गए होंगे मेरे विचार मेरे सिद्धांत हमेशा ऊपर रहते हैं | पर वो दिन न जाने क्या हो गया था मुझे और मैंने कैसे वो कृत्य कर लिया | अब तो मुझे कई साल हो गए हैं पर फिर भी एक टीस जब मन में उठती है तब आप नहीं समझ सकते कैसा लगता है | उसके बाद मैंने मन में सोच लिया जब भी मुझे मौका मिलेगा

मैं उससे माफ़ी मांग लूँगा और ये मैं कर चूका हूँ | चलिए मैं आपको अब बता देता हूँ कि ये सब हुआ कैसे और कौन है वो इंसान जिसके बारे मैं बात कर रहा हूँ और क्या हुआ हमारे बीच जिस वजह से मैं आज इतनी साड़ी बातें आपसे कर रहा हूँ |

दोस्तों मेरी कक्षा में हमेशा बच्चे खुश रहते थे और दूसरी कक्षा के बच्चे भी मुझसे ही पढ़ते थे | मैंने कभी किसी में भेदभाव नहीं किया क्यूंकि ज्ञान फैलाना ही मेरा धर्म है | इसलिए मैंने बच्चो को भी भी कभी किसी से पीछे नहीं रहने दिया | किताबी ज्ञान के साथ मैंने उनको बाहरी ज्ञान भी दिया जिससे उनका पूरा विकास हो और वो आगे तक जाए | मेरी कक्षा में लड़के एवं लड़कियां दोनों पढ़ती थी कुछ होशियार थे और कुछ थोड़े कमज़ोर | पर मैं हमेशा सब पे उतना ही ध्यान देता क्यूंकि मुझे सबका पूरा विकास चाहिए था | इसलिए मैंने कभी किसी को किसी से कम नहीं समझा | पर वो लड़की कुछ अलग थी हमेशा मेरे पास रहती और पढने में सबसे तेज़ | उससे कुछ भी पूछो वो हमेशा जवाब के साथ तैयार रहती थी | मैंने कभी उसके लिए कुछ बुरा नहीं सोचा पर ना जाने क्यों कुछ दिनों से वो मेरी तरफ कुछ ज्यादा ही आक

 

र्षित थी | मैं ये समझ चूका था पर मुझे लगा इसको मुझसे और ज्ञान चाहिए इसलिए ये मेरे पास आ रही है

 

इतना |

 

उसकी बातें भी अजीब सी हो गयी थी क्यूंकि एक दिन मैंने उससे पुछा की सबसे ज्यादा घनत्व किस्मे होता है तो उसने कहा आपके प्यार में | मैंने कहा अनीता तुमाहरा ध्यान कहाँ है ? उसने मुझसे कहा कुछ नहीं सर बस ऐसे ही | मैंने कहा बेटा ध्यान लगाओ तुम्हे विदेश में अपने भारत का नाम रोशन करना है | उसने कहा सर आप जो भी बोलेंगे मैं वो बिना सोचे समझे कर जाउंगी | मैंने कहा बेटा क्या बोल रही हो आज क्या हो गया है तुमको ? उसने कहा सर मुझे कुछ हो गया है पता नहीं कल से मैंने कुछ पढ़ाई भी नहीं की है | मैं समझ गया इस बच्ची को अकेले में समझाने की ज़रूरत है | मैंने कहा बेटा कल मेरा कोई काम नहीं है और मुझे किसी कक्षा में भी नहीं जाना तो तुम का प्रयोगशाला में आ जाना | मैंने सोचा मैं सब ठीक कर दूंगा और इसी उम्मीद के साथ मैं अगले दिन चला गया | वो अगले दिन आई और और उसने कहा सर मैं आपसे प्यार करने लगी हूँ | मैंने कहा क्या बोल रही हो अनीता तुम्हे पता भी है ? उसने कहा सर मैं पूरे होश में हूँ |

मैंने कहा बेटा मैं तुमहरा गुरु हूँ और हमारे बीच ये नहीं हो सकता इसलिए मैं तुमसे गुजारिश करता हूँ कि ये सब अपने दिमाग से निकाल दो | उसने कहा सर अब तो आप बस हो मेरे मन में कैसे निकाल दूँ आपको | मैंने सोचा इसको घर भेज देता हूँ तभी मेरे लिए अच्छा रहेगा |

मैंने कहा बेटा आप कल आना आपका दिमाग अभी ठीक नहीं है | तुम्हे कुछ जूनून सवार हो गया है इसे उतार दो | वो चली तो गयी पर जाते जाते कहा सर ये तो नहीं होगा आप चाहे जो करलो | मैंने मन में सोचा ये क्या हो गया है इसको ठीक करना पड़ेगा पर किस्मत को तो कुछ और ही मंज़ूर था | वो अगले दिन फिर से प्रयोग्शाला में आई और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया | मैं उससे छूटने के लिए जतन कर रहा था पर मैं असफल रहा इस चीज़ में | अब वो मुझे इतने जोर से दबा रही थी और उसके स्तन मेरी पीठ पे लग रहे थे | वो मुझे पीछे से चूम रही थी और मुझे इस चीज़ से जोश आ रहा था | मैंने अब सोचा इसको रोकना मुश्किल हो जाएगा |

फिर मैंने उसको जैसे तैसे दूर किया पर इस बार उसने अपने कपडे उतार दिए | मैं उसकी तरफ नहीं देखा और वो कपडे उतारती गयी | अब मेरा भी लंड खड़ा होने ल

 

गा पर मैंने फिर भी ध्यान नहीं दिया | पर जब उसे ये बात पता चल गयी तब वो बैठ गयी और अपनी योनी में ऊँगली डालने लगी और मादक आवाज़ निकालने लगी | मेरी प्रयोगशाला में आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः की आवाज़ें गूँज रही थी | फिर उसके बाद वो मुझसे कहने लगी सर आपन नहीं आयेंगे तो

 

मैं और जोर से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करुँगी |

मैंने सोचा इसके पास जाके इसको समझाता हूँ पर मेरा जाना गलत हो गया | जैसे ही मैं वहाँ गया उसने अपने स्तन पे मेरा मुह लगा दिया और कहा चूसो सर नहीं तो बदनाम कर दूंगी | अब मैं क्या करता मैंने चूसना शुरू कर दिया और उसके बाद वो और मादक हो गयी | उसकी योनी से तरल पदार्थ निकलने लगा जिसे वो रगड़ रही थी और आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी | फिर उसने मेरा मुह अपनी योनी पे लगा दिया और चटवाने लगी और

फिर से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | अब वो उठी और उसने मेरे कपडे खोल दिए और मेरा लिंग हिलता हुआ बाहर आ गया और खड़ा हो गया | उसने मेरे लिंग को चोसना शुरू किया और मेरी सिस्कारियां निकलने लगी |

फिर वो मेरे लिंग और जोर से चाटने लगी और मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगा | उसके बाद मेरा वीर्य उसके मुह में गिर गया | मेरा लिंग खड़ा ही था फिर उसने मुझे लेताया और मेरे लिंग पे अपनी योनी का छिद्र रख के उसपे बैठ गयी और उचकने लगी | मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैंने भी उसके साथ ज़ोरदार सम्भोग किया और वो भी बिना कंडोम के | वो बस आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए सम्भोग करवाती रही और मेरा वीर्य अपनी योनी में गिरवाती रही |